Archive for category: नारी विमर्श

जहाँ लड़कियों के गुप्तांगो के साथ किया जाता है खिलवाड ! खतना – अमानवीय कृत्य  !

जहाँ लड़कियों के गुप्तांगो के साथ किया जाता है खिलवाड ! खतना – अमानवीय कृत्य !

4 / January 31, 2012 2:54 pm

रिवाज और प्रथाओं के नाम पर अमानवीयता तो आये दिन सामने आती ही रहती है. परन्तु यह करतूत आपको हैरत में डाल देगी. ” खतना ” नाम की यह प्रथा

महिला सशक्तिकरण की मुश्किलें

महिला सशक्तिकरण की मुश्किलें

0 / March 25, 2011 6:51 am

बिहार में एनडीए-2 को मिले भारी बहुमत को महिला सशक्तिकरण का फलाफल मना जा रहा है। विश्लेषक मानते हैं कि नीतीश कुमार के तथाकथित सुशासन में महिलाएं अपने आप को

नामी गिरामी हस्तियों के विवाहेत्तर संबंध

नामी गिरामी हस्तियों के विवाहेत्तर संबंध

0 / March 25, 2011 2:23 am

विवाहेत्तर संबंध, सैफ अली, अमृता सिंह , धर्मेन्द्र ,

एक सदी का युद्ध :  स्त्री

एक सदी का युद्ध : स्त्री

2 / February 4, 2011 8:51 pm

कई दिनों से सामान बांधे , रेल का टिकेट मेरे पास है…. जाना चाहती थी मै, ऐसी ही यात्रा पर क्यूँ नहीं निकल जाती आज पैर चौखट से निकलते ही

चौखट पर चीख, चौराहे पर चीरहरण

चौखट पर चीख, चौराहे पर चीरहरण

0 / January 20, 2011 6:20 pm

सदियों से महिलाओं के साथ जैसा दमन और अत्याचार हुआ है वह अकल्पनीय है.सीता और पारवती की आर में पुरषों की साज़िश अब खुलकर सामने आने लगी है.एस देश में

स्त्री का अस्तित्व और सवाल

स्त्री का अस्तित्व और सवाल

0 / January 20, 2011 4:42 pm

एक सवाल अपने अस्तित्व पर, मेरे होने से या न होने के दव्न्द पर, कितनी बार मन होता है, उस सतह को छु कर आने का, जहाँ जन्म हुआ, परिभाषित

जहां स्त्रियों को देखने में भी प्रायश्चित करना होता है

जहां स्त्रियों को देखने में भी प्रायश्चित करना होता है

0 / October 18, 2010 7:03 am

इस सृष्टि की उत्पत्ति नर एवं मादा के सुखद मिलन के कारण ही हुई है। प्रकृति एवं पुरूष के संयोग से उत्पन्न यह संसार अनेक विचित्राताओं से युक्त है। मनुष्य

स्त्रियों ने माना कि वे पुरूष संरक्षण में ही रहना पसंद करती हैँ

स्त्रियों ने माना कि वे पुरूष संरक्षण में ही रहना पसंद करती हैँ

0 / October 16, 2010 10:46 pm

स्त्री विमर्श नारी विमर्श औरतोँ की वर्तमान स्थिति भारत मेँ नारी की स्थिति औरतो की दशा भारत मे नारी की स्थितिसर्वेक्षणों का जमाना है। हर छोटी बड़ी चीज का विश्लेषण

स्त्री विमर्श – पंखोँ पर आसमान तौलती लड़की

स्त्री विमर्श – पंखोँ पर आसमान तौलती लड़की

2 / September 28, 2010 11:41 am

’चिड़िया के पंख कतर दो, यह ऊंचा उड़ती है, बित्ते भर की जान मगर, बाजों से लड़ती है। पर लड़की को कुछ मत कहना, लड़की कांटा है, छली, बली काल

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एक पहल

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एक पहल

0 / September 19, 2010 8:25 am

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ एक पहल: आज इस कलयुग में कुछ लोग बेटी के जन्म को मुसीबत मानने लगे हैं और कन्या भू्रण हत्या का प्रचलन तेजी से बढ़ता चला