कोड वर्ड का मायाजाल
3फास्ट फूड की तरह आजकल फास्ट बातचीत का जमाना है। पूरा वाक्य बोलने के स्थान पर कोडवर्ड बोला जाता है। दरअसल हमारा देश कोडवर्ड के सहारे चल रहा हैं। बैंक
ऐ देश के लफंगों, नेता तुम्ही हों कल के, यह देश है तुम्हारा, खा जाओ इसको तल के. चुनाव के पहले नेता घर-घर मांगने जाते हैं वोट, और फिर चुनाव के बाद, अपनी भोली जनता को, पहुचाते हैं गहरी चोट. भारत की राजनीति है एक गन्दी बहती नाली, जिसमें बैठ कर नेता, वसूलते हैं जनता से दलाली
आप चाहते हैं कि आपका दर्जा चमचा से उठकर नेता का प्राप्त हो। जी हाँ चमचा जी, हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप निश्चित ही पदधारी नेता बन जाएंगे। अमल में लाइये निम्नांकित को
आडवाणी जी मंदिर बनवाओगे कब तक हिन्दुओं को यूँ ही बहलाओगे कब तक देश की जनता इतनी नादां नहीं है तुम अपनी रोटी पकाओगे कब तक मनमोहन जी कुछ अपनी
फास्ट फूड की तरह आजकल फास्ट बातचीत का जमाना है। पूरा वाक्य बोलने के स्थान पर कोडवर्ड बोला जाता है। दरअसल हमारा देश कोडवर्ड के सहारे चल रहा हैं। बैंक
ऐ देश के लफंगों, नेता तुम्ही हों कल के,
यह देश है तुम्हारा, खा जाओ इसको तल के.
चुनाव के पहले नेता घर-घर मांगने जाते हैं वोट,
और फिर चुनाव के बाद, अपनी भोली जनता को,
पहुचाते हैं गहरी चोट.
भारत की राजनीति है एक गन्दी बहती नाली,
जिसमें बैठ कर नेता,
वसूलते हैं जनता से दलाली
आप चाहते हैं कि आपका दर्जा चमचा से उठकर नेता का प्राप्त हो। जी हाँ चमचा जी, हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप निश्चित ही पदधारी नेता बन जाएंगे। अमल में लाइये निम्नांकित को
आडवाणी जी मंदिर बनवाओगे कब तक हिन्दुओं को यूँ ही बहलाओगे कब तक देश की जनता इतनी नादां नहीं है तुम अपनी रोटी पकाओगे कब तक मनमोहन जी कुछ अपनी
१८ का पूर्ण होने पर मुझे Proud है,
आप १८ के हों या न हों, पर ये रचना पढ़ना आप के लिए Allowed hai.
ये कविता २१ दिसम्बर को, अपने 18th जन्मदिन के अवसर पर मैंने लिखी थी, मेरे Fans को ये कविता हास्य-व्यंग में सबसे अधिक पसंद आई है. अब तक की सबसे ज्यादा पढ़ी गई कविता!
*जब Heart के भी Figure अनेक होते हैं.
*दोस्त से बढ़कर…
*मध्य-रात्रि’ में भी सपने
*Next-Generation का भी तो ‘इंतजाम’ करना है
देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव होने थे। एक प्रतिष्ठित राजनैतिक पार्टी की तैयारी एक साल पहले ही प्रारंभ हो गई थी। विभिन्न क्षेत्रों से हजारों उम्मीदवारों के आवेदन चुनाव लड़ने के लिए पार्टी कार्यालय में जमा होने लगे थे।
आनन फानन में फैक्स भेजकर बाल विकास अधिकारियों व स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला अधिकारियों को राजधानी बुलाया गया था और परिणाम स्वरूप सरकार के मुख्य सचिव कुपोषण के आंकड़ों की चिंता में बैठक ले रहे थे सरकार के जन संपर्क विभाग के अधिकारी मीटिंग के नोट्स ले रहे थे। टीवी चैनल के पत्राकारों को, मीडिया को ससम्मान मीटिंग के कवरेज के लिये आमंत्रित किया गया था
नयी दुकान देखी तो- राय – कीड़े ने उंगली की. पहुँच गए राय देने . दूर से राम राम किया , खिरियत पूछी और जामा कर बैठ गए . दुकान में लगे लकड़ी के फट्टे से लेकर, भाई साहब के कॉलर के गट्टे तक , सभी का मोल भाव पूछ लिया . सब के अंत में एक बात जरुर कहते .. यार तुम लोग तो कुछ पूछते हो नहीं … मुझसे कहा होता ३० प्रतिशत काम में करा देता . पाने साले का यहीं कारोबार है . इसी क्रम में रायबहादुर ने अपने सारे सगे सम्बन्धियों का पेशा गिनवा दिया
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