Archive for category: चर्चाघर

जहाँ लड़कियों के गुप्तांगो के साथ किया जाता है खिलवाड ! खतना – अमानवीय कृत्य  !

जहाँ लड़कियों के गुप्तांगो के साथ किया जाता है खिलवाड ! खतना – अमानवीय कृत्य !

4 / January 31, 2012 2:54 pm

रिवाज और प्रथाओं के नाम पर अमानवीयता तो आये दिन सामने आती ही रहती है. परन्तु यह करतूत आपको हैरत में डाल देगी. ” खतना ” नाम की यह प्रथा

आरक्षण के इस खेल में कितना और गिरेंगे

आरक्षण के इस खेल में कितना और गिरेंगे

2 / January 30, 2012 4:07 pm

पांचों राज्यों के चुनाव की मण्डी सज चुकी है सभी अपने माल को बढ़िया व दूसरे के माल को घटिया बता बोली लगा। खरीद-फरोख्त में मशगूल हो गए है। चुनाव

अन्ना हजारे का ट्रेलर : डॉ. शशि तिवारी

अन्ना हजारे का ट्रेलर : डॉ. शशि तिवारी

1 / October 25, 2011 5:52 pm

अन्ना हजारे का ट्रेलर : डॉ. शशि तिवारीयहाँ दोनों लघु कहानी कही न कही परोक्ष रूप से कांग्रेस पर फिट बैठती नजर आ रही है और यह कई जगहों पर

मृत्यु के बाद….

मृत्यु के बाद….

1 / October 8, 2011 1:47 pm

मृत्यु के बाद इस धरा के अधिकतर लोग आज इस भ्रम में है कि मृत्यु के बाद सब कुछ समाप्त हो जाता है और मृत्यु बहुत कष्टप्रद स्थिति हैं l

अपना दब्बूपन छोड़ नरेन्द्र मोदी को सामने लाये  भाजपा

अपना दब्बूपन छोड़ नरेन्द्र मोदी को सामने लाये भाजपा

5 / September 15, 2011 1:14 am

अमेरिकी संसद में प्रस्तुत एक रिपोर्ट में नरेन्द्र मोदी को भाजपा के तरफ से प्रधानमत्री पद का दावेदार बताया जाना, अमेरिका की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है. यह पहली बार

न्यू मीडिया में हिंदी की दशा और दिशा

न्यू मीडिया में हिंदी की दशा और दिशा

4 / September 12, 2011 8:13 pm

न्यू मीडिया , विशेष तौर पर हिंदी न्यू मीडिया जिसका सबसे लघु इकाई एक ब्लॉग को कहा जा सकता है , अब तक का सर्वाधिक निरीह  और गैर-प्रभावी बता कर

बौराया मीडिया, बेईमान कांग्रेस, बेख़ौफ़ बाबा

बौराया मीडिया, बेईमान कांग्रेस, बेख़ौफ़ बाबा

22 / June 4, 2011 10:34 pm

वर्तमान परिस्थितों को देखते यह साफ समझा जा सकता है की कौन बेईमान है और कौन इमानदार ? देश के चौथे स्तम्भ की वेश्यावृति अब प्रत्यक्ष रूप से सामने आ

चोर सिपाही के खेल में अमेरिका की दबंगाई

चोर सिपाही के खेल में अमेरिका की दबंगाई

0 / May 30, 2011 12:17 am

कहते हैं पाप का घड़ा एक न एक दिन भर ही जाता है। चोर कितना ही चालाक क्यों न हो एक न एक दिन पकड़ा या मारा ही जाता है।

क्या खूब, नवाबी!

क्या खूब, नवाबी!

1 / May 19, 2011 1:09 am

प्रस्तावना- ‘‘एक नवाब साहब ने अपनी नवाबी का रोब जमाया, जैसे ही ट्रेन में ‘टीटी’ टिकट चेक करने आया, उसे एक की बजाय दो-दो टिकट थमाया। ‘टीटी‘ ने कहा, आप

फेसबुक के चक्कर से बाहर निकले ब्लॉगजगत

फेसबुक के चक्कर से बाहर निकले ब्लॉगजगत

6 / May 10, 2011 5:59 pm

हिंदी ब्लॉग जगत में आजकल अवार्ड मेनिया सर चढ़ कर बोल रहा है. यह कुछ कुछ हिंदी साहित्य के छुटभैये लेखकों जैसा है. हिंदी साहित्य के उत्थान में सबसे बढ़ी