लालू-पासवान का राजनीतिक भविष्य
0लालू.पासवान पहलवान बनकर बिहार की विधानसभा के चुनाव में उतरे और दोनों ने ताल ठोककर नीतीश को ललकारा मगर वे चारों खाने ऐसे चित्त हो गये कि अब अखाड़े से
आज बिहार के राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा पुनः छाने लगी है कि क्या इतने भारी मतों से जीतना किसी लोकतंत्रा के लिए खतरनाक तो साबित नहीं हो सकता है?
बिहार में संपन्न हुए चुनाव शत-प्रतिशत शांति और निष्पक्ष चुनाव हुए इसमें कोई दो राय नहीं है।लालू के 15 सालों के विकास की गाथा के सामने 5 सालों का विकास कमाल कर
ऐसा लगता था कि सदियों से राजा रानी वाली राजतंत्र की प्रशासन व्यवस्था में रह चुकी जनता ने लगभग साठ साल के गणतंात्रिक देश हिन्दुस्तान में ने हाल तक भी
लालू.पासवान पहलवान बनकर बिहार की विधानसभा के चुनाव में उतरे और दोनों ने ताल ठोककर नीतीश को ललकारा मगर वे चारों खाने ऐसे चित्त हो गये कि अब अखाड़े से
आज बिहार के राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा पुनः छाने लगी है कि क्या इतने भारी मतों से जीतना किसी लोकतंत्रा के लिए खतरनाक तो साबित नहीं हो सकता है?
बिहार में संपन्न हुए चुनाव शत-प्रतिशत शांति और निष्पक्ष चुनाव हुए इसमें कोई दो राय नहीं है।लालू के 15 सालों के विकास की गाथा के सामने 5 सालों का विकास कमाल कर
ऐसा लगता था कि सदियों से राजा रानी वाली राजतंत्र की प्रशासन व्यवस्था में रह चुकी जनता ने लगभग साठ साल के गणतंात्रिक देश हिन्दुस्तान में ने हाल तक भी
बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर एवं नवम्बर माह में होने की संभावना है। ऐसे में दिन की गर्मी जिस तरह उबाल पर है उसी तरह बिहार का राजनीतिक पारा उफान पर
कहते हैं कि राजनीति की चाबी से सब ताले खुलते हैं परन्तु बिहार के समाज में महिलाओं को यह चाबी वर्षों से नहीं मिली थी। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक
बिहार के आसमान में मानसून के बादल अभी बरसने को तैयार हो रहे हैं मगर राजनीतिक आसमान में आरोप-प्रत्यारोपों के नुकीले बाणों से यहां राजनीतिक उमस काफी बढ़ गयी है।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों में जोर आजमाइश तेज हो गई है। इस चुनाव में सभी दल अपनी पूरी ताकत झोकने को तैयार हैं। कोई कोर कसर न
सुनील कुमार सजल हमारा गांव इन दिनों बहुत सुखी है। इसका कारण यह है कि आज के दौर में जितनी बीमारियां पैदा हुई हैं, यहां उसके उतने डाॅक्टर पैदा हो
लगभग पांच वर्ष पूर्व जब बिहार में सत्ता नीतीश कुमार के हाथ में आयी तो शायद ही अवाम को एहसास हुआ होगा कि यह सरकार पूरे विश्व में अपनी जय-जयकार
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