Archive for category: आतंकवाद

क्या हम राष्ट्रीय स्वाभिमान भूल चुके हैं?

क्या हम राष्ट्रीय स्वाभिमान भूल चुके हैं?

1 / March 31, 2011 6:37 pm

क्या हम राष्ट्रीय स्वाभिमान भूल चुके हैं? हाल ही में एक और पाकिस्तानी “सोफ़िस्टिकेटेड भिखमंगे” राहत फ़तेह अली खान को भारतीय कस्टम अधिकारियों ने गैरकानूनी रूप से सवा लाख डालर

भारत में आतंक क्यों ?

भारत में आतंक क्यों ?

3 / February 2, 2011 5:55 pm

जिस तरह से वर्षाऋतु में पानी बरसता है और पूरी प्रकृति का रंग हरियाली के रूप में बदल जाता है। क्योंकि पानी वृक्षों के लिये वरदान साबित होता है। और

असम: कितनी सफल होगी उल्फा से वार्ता

असम: कितनी सफल होगी उल्फा से वार्ता

0 / January 21, 2011 1:24 pm

नए साल के पहले ही दिन असम में ‘उल्फा’ प्रमुख अरविंद राजखोवा की जेल से रिहाई से यहां के राजनैतिक माहौल में एक आशा की किरण दिखाई तो देती है

हिन्दू महिलाओं को ज़बरन मुसलमान बनाओ, एक ना-पाक मुसलमान का सनसनीखेज़ फतवा

हिन्दू महिलाओं को ज़बरन मुसलमान बनाओ, एक ना-पाक मुसलमान का सनसनीखेज़ फतवा

10 / October 24, 2010 11:18 pm

लातूर (महाराष्ट्र): ‘पैगाम इस्लाम’  नाम के उत्तर प्रदेश के  एक संगठन ने लातूर में जारी एक फतवे में सरे मुसलमानों से  यह अपील की है की वह इस्लाम की रक्षा

माओवादी मस्त, सरकार पस्त

माओवादी मस्त, सरकार पस्त

1 / October 19, 2010 9:00 pm

भारत में माओवादियों के बढ़ते प्रभाव और राजनेताओं के ढुलमुल रवैये ने स्थिति को खतरनाक हद तक पहुंचा दिया है। हाल में बिहार के लखीसराय में पुलिस के चार जवानों

भाजपा को नहीं, भारत को बचाना है!

3 / September 9, 2010 1:51 pm

भाजपा को नहीं, भारत को बचाना है! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ ================= इस समय भाजपा अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष कर रही है। इसलिये अब हम भारतीयों को चाहिये कि

नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा

नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा

0 / August 25, 2010 10:16 pm

नक्सलवाद वामपंथी विचारधारा की वह चरम सीमा या पराकाष्ठा है जिसे 1967 में पश्चिमी बंगाल के नक्सलवादी ग्राम से शुरू किया गया था। करीब इसी समय तेलंगाना में भी एक

आत्मघाती राजनीति का शिकार पाकिस्तान

आत्मघाती राजनीति का शिकार पाकिस्तान

0 / August 21, 2010 8:58 pm

पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों को लेकर इन दिनों पूरे विश्व के  लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। पकिस्तान के दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हालात तथा वहां हमेशा से होती आ

नक्सलवाद-माओवाद

नक्सलवाद-माओवाद

0 / July 18, 2010 9:01 am

सन् 2010 अब करीब आधा बीच चुका है। भारत को विश्व शक्ति बनने के लिए आन्तरिक सुरक्षा को अत्यन्त मजबूत करना होगा। नक्सलवादियों-माओवादियों को शीघ्रातिशीघ्र कुचलना प्राथमिकता होनी चाहिए। यह

अरूंधति राय का लाल प्रेम

अरूंधति राय का लाल प्रेम

1 / July 17, 2010 2:35 pm

शादाब जफर शादाब एक महिला के पेशाब करते वक्त निकलने वाली आवाज का अपने उपन्यास में अश्लील शब्दांे में मजे ले लेकर वर्णन कर देश और दुनियां में रातों रात