अडिग है ऊपरकोट किला
0अहमदाबाद। गुजरात में गिरीनगर जूनागढ के ऐतिहासिक दस्तावेज स्वरूप ऊपरकोट किला अनेक प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद प्राचीनकाल से अडिग खड़ा है। हाल ही में जापान में आए विनाशकारी भूकम्प और
असम में एक गांव है जाटिंगा। यह गांव खासी जयंतिया पहाड़ियों में स्थित हाफलौंग से मात्रा तीन कि.मी. दूरी पर है। जाटिंगा, जो बीहड़ वनों में 3400 फीट की ऊंचाई
आदिवासियों की संस्कृति : अंगारों पर चलने का पर्व-मंडा पर्व- देश के विभिन्न भागों में आस्था के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं। आस्था का एक ऐसा ही रंग, अंगारों के
इस सृष्टि की उत्पत्ति नर एवं मादा के सुखद मिलन के कारण ही हुई है। प्रकृति एवं पुरूष के संयोग से उत्पन्न यह संसार अनेक विचित्राताओं से युक्त है। मनुष्य
अहमदाबाद। गुजरात में गिरीनगर जूनागढ के ऐतिहासिक दस्तावेज स्वरूप ऊपरकोट किला अनेक प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद प्राचीनकाल से अडिग खड़ा है। हाल ही में जापान में आए विनाशकारी भूकम्प और
असम में एक गांव है जाटिंगा। यह गांव खासी जयंतिया पहाड़ियों में स्थित हाफलौंग से मात्रा तीन कि.मी. दूरी पर है। जाटिंगा, जो बीहड़ वनों में 3400 फीट की ऊंचाई
आदिवासियों की संस्कृति : अंगारों पर चलने का पर्व-मंडा पर्व- देश के विभिन्न भागों में आस्था के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं। आस्था का एक ऐसा ही रंग, अंगारों के
इस सृष्टि की उत्पत्ति नर एवं मादा के सुखद मिलन के कारण ही हुई है। प्रकृति एवं पुरूष के संयोग से उत्पन्न यह संसार अनेक विचित्राताओं से युक्त है। मनुष्य
अब पुनर्जन्म को विश्व के सभी बुद्धिजीवी और विचारक मानने लगे हैं क्योंकि पुनर्जन्म की घटनाएं सब देशों धर्मों, जातियों और संप्रदायों में घट चुकी हैं। ये सारी घटनायें परामनोवैज्ञानिकों
‘मालद्वीप‘ द्वीप समूह के निवासी अपने रिवाज के अनुसार खाना बिल्कुल अंधेरे में खाते हैं। उनका विश्वास है कि यदि किसी ने उनको खाना खाते देख लिया तो उनकी जगह
अघोरी बाबा का प्रसाद : -इस धरती पर एक से बढ़कर एक विलक्षण साधक सदा से होते आये हैं, होते हैं और होते रहेंगे। जरूरत है बस तलाश करने की।
बात 1794 की गर्मियों की है। फ्रांस के लाले नामक गांव में आस्ट्रिया के विरूद्ध एक मोर्चे पर लगभग डेढ़ सौ फ्रांसीसी सैनिक खंदकों में छिपे दुश्मन से लोहा ले
प्रकृति रहस्यों से भरी-पड़ी है। प्रकृति की विचित्राताओं पर जब विचार व चिन्तन किया जाता है तो सिरजनहार की अद्भुत कारीगरी पर हम स्तब्ध रह जाते हैं। वनस्पतियों के इस
प्राचीनकाल में राजा लोग जहर बुझी कन्यायें रखा करते थे जिन्हें विष कन्याएं कहा जाता था। वे दुश्मन राजा को मारती या वहां की जासूसी करती। जहर खाना एक जान
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