अगर आपने हमारीवाणी या अपनीवाणी का लोगो अपने ब्लाग पर लगा रखा है, तो उसे यथासिघ्र हटा दें। वरना आपको कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए, समझते हैं कि यह क्या है?
आपकी साईट /ब्लाग पर अगर यह लोगो लगा है, ( हमारीवाणी या मेरीवाणी का) तो आपकी साईट ऐसे खुलेगी! परन्तु यह सिर्फ़ उसी उपयोगकर्ता को दिखेगी जो अच्छे एंटिवायरस द्वारा सुरक्षित है। आज जब सुरेश जी ने अपनी एक पोस्ट पढने के लिये हमें आमंत्रित किया तो यह बात सामने आई। देखिये मुझे क्या दिखा। पहले तो मुझे हमारीवाणी का वायरस दिखा। मैने उन्हे बताया तो उन्होने समाधान पूछा। मैने उन्हे हमारीवणी का लोगो कोड हटाने की सलाह दी। उन्होने कोड हटा दिया, तब फिर मैने उनकी साईट स्कैन की। तब मुझे यह दिखा जहां अपनी वाणी नाम का मालवेयर था।
इस खोज के दौरान एक बात और पता चली। चुकि यह एक मालवेयर है है, इसमे साफ-साफ एक बात लिखी होती है कि क्या आप इस साईट को ट्रष्ट करते है, अगर आपने हां पर चट्खा लगाया तो आपने इस मालवेयक को आमंत्रित कर लिया । परन्तु मुझे आश्चर्य तब हुआ जब खुशदीप सहगल जी या ललीत जी के साईट पर यह लोगो होने के बाद भी ऐसा कोई वारनिंग मैसेज नही दिखा। अब चुकि मैने या आप सबने ब्लागस्पाट को ट्रस्टेड साईट में रखा है, इसलिये आपने इस मालवेयर को भी छूट दे रखी है। चुकि सुरेश चिपलूणकर जी का ब्लाग ब्लागस्पाट पर नही , इसलिये इस मालवेयर का पता चल पाया।
इस वार्निग़ मैसेज के साथ एक आमंत्रण भी है, कि अगर आप इससे निजात पाना चहते हैं तो हमारीवाणी साईट पर आएं। इसका आशय यह है कि :– 1। यह मालवेयर खुद हमारीवाणी ने शुरू किया है। यह मालवेयर आपके ब्लाग पर हमारीवाणी के लोगो के रूप मे लगा है। इससे जब भी कोई आपके ब्लाग पर आता है, उस ब्लागर का विजीट वस्तुत: हमारीवाणी के खाते में चला जाता है। साथ ही आपके ब्राऊजर में संकलित सब पासवर्ड भी उनके पहुंच के अन्दर चले जाते हैं।
यह एक प्रकार का मालवेयर होता है। मालवेयर का मतलब होता है ” वह कोड , स्क्रिप्ट अथवा वेब साफ्ट्वेयर जो आपके मर्जी के बगैर कोई भी एप्लिकेशन को चलाता है, जो प्रक्रिया आम तौर पर चुपचाप होती है और युज़र को पता भी नही होता।
अब देखिये, हमारीवाणी कैसा दिखती है?
इसका दायरा इतना बडा होता है कि आसानी से कोई व्यवसायिक साफ्टवेयर चलाया जा सके। जिससे निम्नलिखित कार्य को अंजाम दिया जा सकता है। यहां तक कि आपका गूगल, याहू अकाउंट का पासवर्ड या अन्य कोई पासवर्ड जिसे आप अपने ब्राउज़र में सेव कर के रखते हैं, उसे इसके मालिक तक पहुंचा सके। ऐसे में अगर आप कोई डोमेन नेम के रजिस्टकर्ता हैं तो आपका डोमेन भी चोरी हो सकता है।
हमारीवाणी का यह मालवेयर निम्नलिखित कार्य को अंजाम दे सकता है।
(stealth registration, undisclosed adware, spyware, stealth installation of bundled apps) and device drivers (recurrent intrusions into startup axis, e.g. as part of DOS support). From a troubleshooting perspective, the process of cleaning up these commercial/driver issues is similar to cleaning up many worms and trojans, so for both practical and philosophical reasons it’s appropriate to include them.
अधिकतर मालवेयर निम्नलिखित चार चरण में काम करते हैं !
Enter
Escalate
Extend
Execute
आपको इससे बचने के लिये एक उन्नत एंटीवायरस एप्लिकेशन रखना होगा। ऐसा एंटिवायरस जो न सिर्फ़ आपके हार्डवेयर बल्कि इ-मेल, या वेब-ब्राउजींग़ के समय भी आपको सुरक्षा देता हो। मसलन केपर्सकी या एवीजी। आप चाहें तो नोड भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो ह्ल्का और सस्ता भी हैं ।
मालवेयर के विषय में ज्यादा जानने के लिये देखें !
दुशरी महत्वपूर्ण बात यह की, हमें यह ज्ञात होना चाहिये कि इसके संचालन के पिछे किसका हाथ है। ब्लागवाणी को नकारने और गाली देने में जो लोग हमेशा आगे रहे , उन्हे यह बात समझ आनी चाहिये। आम तौर पर हम ब्लागर्स को एक किसी भी साइट पर जुड़ने से पुर्व उससे संचालक को लेकर अश्वश्त हो लेना चाहिये। किसी भी रजिस्टर करते वक्त यह ध्यान अवश्य रखें की आप उसी पासवर्ड का इस्तेमाल न करें जो आपके गुगल, पे-पाल अथवा अन्य महत्वपूर्ण खाते का है। इस बात की कोई गारंटी नही ली जा सकती कि वेब मास्टर आपका पासवर्ड देख कर आपके अन्य खातों पर हाथ न अजमा ले।
आइये अब इस हमारीवाणी के माता पिता का पता लगाएं!
फिर हमें उस साइट की प्राइवेसी पालेसी और गूगल ट्रस्ट को भी नापना होता है। इस संबंध में पाठक अपने सवाल निचे पूछ सकते हैं। प्रत्युतर में मैं समाधान की कोशिश करूंगा।
आप देख सकते हैं हमारीवाणी ने कैसे अपना रैंक अलेक्सा पर सुधार लिया। अब आप उस आतंक वादी का पता खुद लगा सकते हैं। अब आतंकवाद है तो एक ही समूह इसके पिछे है। पता खुद कर लें , बस आपको , निचे के तस्वीर मे हाईलाईट किये गये आई पी को उस आई पी एड्रेस से मैच करना है , जिसपर आपका शक पहले जाता है। जाहिर है आपके मेल बक्से में कभी न कभी तो म्लेच्छ की स्व्च्छ मेल आई होगी । ध्यान रहे कि विश्व का पहला वायरस भी आंतकवादी देश पाकिस्तान में बना था। जिसका नाम कबीर था। हराम की औलादों ने कम्प्यूटर सिखने के बजाये पहले वायरस बनाना सिखा!
तो अब क्या करें: सबसे पहले गूलग को रिपोर्ट करें कि यह साईट वायरस फैला रही है। उस साईट से आए मेल को, मार्क एज स्पैम पर क्लिक कर गुगल को उसके स्पैम होने की सूचना दें। फिर आप हमारीवाणी का लोगो, अपने ब्लाग से हटा दें। और आखिर में आखिरी सुझाव – फिर किसी मल्लेछ सन्देश को बढावा न दें।



badhiya jankari si hai apne abhar
उत्तम जानकारी | आपकी इस ने पोस्ट मलेच्छ को बेनकाब कर दिया hai |
आपने ठीक कहा इनकी नीयत कभी भी ठीक नही रही है, महाशक्ति पर पहले भी ऐसे हमले हुये थे और मैने अपनी पोस्ट के माध्यम से लोगो को सूचित किया था। इसीलिये मैने अपने ब्लाग पर किसी भी बाहरी लिंक को लगाना बंद कर दिया।
सूचित करने के लिये धन्यवाद, आप बधाई के पात्र है।
धन्यवाद आपका !
महेंद्र जी , अगर आप यह पता लगाना चाहते हैं की आपके साईट अथवा ब्लॉग पर मौजूद लोगो अथवा लिंक में कोई वायरस /मालवेयर है या नहीं तो निम्नलिखित जांच प्रक्रिया अपनाएं .
१. सबसे पहले अपने साईट अथवा ब्लॉग का वह पन्ना खोलें जहाँ यह लोगो लगा है .
२. कंट्रोल + एस दबा कर उस पन्ने को सहेज लें .
३ किसी अछे एंटीवायरस से उस सहेजे गए फाइल को जांचें. वह स्वतः बता देगा की मालवेयर कहाँ है . फिर उस लोगो/ लिंक को हटा दें !
अगर आपने ऐसा नहीं किया है तो अपने सिस्टम से वायरस हटाने का तरीका इस प्रकार है .
१. किसी रजिस्ट्री क्लीनर से सिस्टम की रजिस्ट्री फैल क्लीन कर लें . ccleaner एक ऐसा ही मुफ्त का क्लीनर जो स्यतेम को सुरक्षित भी रखता है और जंक फैल साफ भी करता है . इसे यहाँ से डाउनलोड किया जा सकता है .
http://www.filehippo.com/download_ccleaner/
इसके बाद , आप अपने ब्राउजर में मौजूद तमाम कूकी फाइल और ब्राउसिंग हिस्ट्री को क्लीन कर लें .
संभव हो तो महत्व पूर्ण खतों का पासवर्ड बदल लें .
हमें यह बताने की मेहरवानी करें कि अपना खाता बन्द कैसे कर सकते हैं।
आप किस खाते को बंद करने के विषय में पूछ रहे हैं ?. आप अगर सम्बंधित साईट की कोई भी लिंक या सामग्री अपने साईट पर नहीं रख रहे , तो कोई परेशानी नहीं. आवश्यकता होने पर आप सम्बंधित साईट के आदमीं से अपने साईट को उनके डाटाबेस से निकलने सम्बंधित आग्रह भजें !
आप किस खाते को बंद करने के विषय में पूछ रहे हैं ?.
आप अगर सम्बंधित साईट की कोई भी लिंक या सामग्री अपने साईट पर नहीं रख रहे , तो कोई परेशानी नहीं. आवश्यकता होने पर आप सम्बंधित साईट के आदमीं से अपने साईट को उनके डाटाबेस से निकलने सम्बंधित आग्रह भजें !
अरे, ये तो बहुत खतरनाक मामला है।
बच के रहना रे बाबा
आपने पोल खोल कर बहुत अच्छा काम किया है
कनिष्क जी आपको बहुत-बहुत धन्यवाद
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धन्यवाद कनिष्क,
आगाह करने के लिये आभार,
मैंने आपकी इस पोस्ट को ही आधार बना कर यह पोस्ट लगाई है आज…
आभार!
…
सावधान करने के लिए शुक्रिया…
किसी भी तरह का सुझाव और किसी को चाहिए तो वह कमेन्ट बक्से का प्रयोग करे . मैं समाधान का प्रयास करूँगा !
इस जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद !!
हाँ ! एक और महत्वपूर्ण बात ! आप अपने ब्लॉग का बेक उप अवश्य ले कर रखें . यह ऐसे भी आवश्यक है . पता नहीं कब हटना पड़ जाये . आपको याद होगा , शुरू में आपके आर्कुट के खाते पर प्रचार नहीं दीखते थे , अब जब आर्कुट पर आप आश्रित हो गए , तो प्रचार दिखने लगे. आपके मेल में तो प्रचारों ने जब कर कब्ज़ा मार रखा है.
वह दिन दूर नहीं जब आपके ब्लॉग पर भी प्रचार स्वतः आयेंगे और आप कुछ नहीं कर पाएंगे.
भाई आपने जो खोला है उसे इतनी कस कर खोला है कि इनकी,उनकी,हमारी,तुम्हारी,सबकी वाणियां बंद हो गयी होंगी। साधुवाद
कनिष्क,
बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने। हम जैसे नये लोगों को तो इन सब चीजों की समझ ही कहाँ होती है, ज्यादा से ज्यादा पॉपुलर होने के चक्कर में जहां चांस मिलता है, रजिस्टर्ड हो जाते हैं। फिर भुगतते हैं|
आभार।
जिनके पास उपरोक्त प्रकार की वार्निंग आई हो और उन्होंने उसे देख कर पेज बंद का दिया हो, क्या उन्हें भी ख़तरा है?
मेरे क्रोम ने मुझे वार्निंग दिखाई तो मैंने तत्पश्चात पेज बंद कर दिया. पर चिंतित हूँ कि क्या कोइ हानि तो इस बीच नहीं करवा ली.
नहीं कविता जी ! आपने अगर कोई ऐसी साईट विजिट की जहाँ इसका लोगो लगा है, तो भी संभव है की यह मालवेयर आपके सिस्टम को प्रभावित किया हो. ऊपर कमेन्ट में जो तरीके बताएं हैं , उनका पालन कर आश्वस्त हो जायें .
ऐसे दो-चार मामले तो ब्लॉगवाणी के साथ भी हो चुके हैं देखिए
http://blog.masijeevi.com/2009/12/blog-post_6186.html
इन संकलक संचालकों द्वारा अपनी पहचान उजागर न करना वाकई चिंताजनक है इन्हें बेनकाब करना बहुत जरुरी है
बहुत बढ़िया दोस्त..
इस बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी के लिये आपको धन्यवाद!
This gud work is done by Mr. Shahnawaz. Mr. kanishka kashyap played spoil sport else he would had ate blog world without anyone’s knowledge.
आँखे मुँद कर यानि कि इन तकनीकी पहलुओं से अनभिज्ञ ब्लॉगरों सचेत करने हेतु आपका बहुत-२ धन्यवाद.
लाभदायक जानकारी के लिए धन्यवाद
यह परेशानी बहुत ही साधारण है, ब्लोग्वानी के साथ भी कई बार हो चुकी है ——– हमारीवाणी
यह एक साधारण प्रॉब्लम है और अक्सर सभी तरह की वेब साईट में आतीं रहती है. अब से पहले यह परेशानी ब्लोग्वानी में भी कई बार आ चुकी है. इसका एक उदहारण आप निम्न लिंक पर जा कर देख सकते हैं.
http://blog.masijeevi.com/2009/12/blog-post_6186.html
लेकिन इस बार हौव्वा खड़ा किया जा रहा है. जैसे की हमने कल ही बताया था कि यह प्रॉब्लम कल ही ठीक कर ली गई थी, इसलिए परेशानी की कोई बात ही नहीं है. हमारीवाणी की टीम दिन-रात हिंदी भाषा की उन्नति तथा ब्लॉग जगत के उत्थान के लिए एक बेहतर ब्लॉग संकलक बनाने की मेहनत में लगी हुई है. ब्लॉग लेखकों को हुई परेशानी के लिए हमें खेद है.
जहाँ तक बात हमारीवाणी के संस्थापकों की है, तो अभी तक इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी इसलिए नाम नहीं बताए गए. लेकिन अगर आप चाहते हैं तो सभी नाम आपके सामने रखे जाएँगे. इसके लिए सभी संस्थापकों से हमारीवाणी टीम बात करेगी. अभी आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं, कि सभी संकलक ब्लॉग तथा मीडिया जगत से सम्बंधित ही हैं और आप उन पर विश्वास कर सकते हैं. कृपया who is के द्वारा आने वाले पते अथवा नाम पर ध्यान मत दें.
टीम हमारीवाणी
आपका धन्यवाद !
हमें कोई शिकायत नहीं . आप बेहतर काम करें और , हिंदी उत्थान हो . परन्तु ! ऐसे में आपकी साईट पर किसी प्रकार की परेह्सनी होने की बात समझ में आती है , पर तब क्या जब आपका लोगो लगाने से किसी और की साईट पर प्रभाव पड़े ?
लोगो की जो इमागे या जावा आप्लिकेशन फाइल है वह तो आपने तैयार किया है , और वह जिस डायरेक्टरी में होता है वह आम तौर पर ७७७ मोड है . किसी भी प्रकार की दिक्कत तभी हो सकती है , जब आपका सर्वर में कोई तीसरा भी पहुँच सकता हो .. ?
आपने बहुत बढ़िया कम किया है. मैं तो कोइ अड़ अपने साईट पर लगती ही नहीं तो यह मेरे ब्लॉग पर नहीं है.
उत्तम जानकारी |
आपकी इस जानकारी नें तो हतप्रभ कर डाला कि ये स्वच्छ(?) लोग कैसे कैसे तरीकों से अपने षडयन्त्रों को अन्जाम देने के लिए प्रयासरत हैं……..
इस जानकारी के माध्यम से आगाह करने हेतु आपका आभार्!
हम मुर्ख है.. कोई भी बन्दा अपना संकलक लेकर आता है और हम बिना जाने पहचाने अपना ब्लॉग वंहा लगा देते है…
मुझे समझ नहीं आता “हमारी वाणी’ या अपनी वाणी को ये बाताने में क्या परेशानी है की “वो है कौन”
मैं अपना ब्लॉग वहा से हटा दूंगा…
थैंक्स..
बहुत अच्छी जानकारी है| धन्यवाद हमें सचेत करने के लिए| आशीर्वाद|
हमें तो कोइ डर नहीं लगता है | जब बगैर लोगो लगाए ही काम बन जाता है तो फिर लोगो लगाने की क्या जरूरत है | लेकिन विचार विचार मीमांशा से पोस्ट पढने का आग्रह स्पैम की वजह से मिलता है | कृपया ध्यान दे |
थैंक्स for information
उतम जानकारी के लिए धन्यवाद
वाह ! मै तो बहुत पहले ही इन वाणियों से तौबा कर चुका हूँ…. इनकी हरकतें मुझे शुरू से कुछ अजीब लग रही थीं… इन जैसे लोगों को बेनकाब करना बहुत ज़रूरी था…. शुक्रिया