कोड वर्ड का मायाजाल
3फास्ट फूड की तरह आजकल फास्ट बातचीत का जमाना है। पूरा वाक्य बोलने के स्थान पर कोडवर्ड बोला जाता है। दरअसल हमारा देश कोडवर्ड के सहारे चल रहा हैं। बैंक
मोर को नाचता देख , यह समझ लेना कि रिमझिम फुहार बरसने वाली है , आज की पेंचीदा और सामाजिक , राजनितिक मनोविज्ञान के विकास पर पर प्रश्न चिन्ह होगा . वह मोर ट्रेनिंग कैम्प में तैयार किया गया भी हो सकता है , उसे ट्रेन किया गया है कि बेटा ! जब मैं बरसात करूँगा उससे पहले तो इसी तरह नाचियो !
दव्यांका के फैंस को बता दें कि वह छोटे पर्दे पर नए अवतार में आई हैं। दरअसल, सब टीवी पर 17 मई से शुरू हुए धारावाहिक में ’मिस्टर एंड मिसेज
धरती पर मानवीय जीवन काल में अपने समयों से संबंधित अपनी संभावनाओं की सीमाओं के भीतर ही, मनुष्य ने अपने चारों ओर के भौतिक एवं सामाजिक जगत से समायोजन स्थापित
फास्ट फूड की तरह आजकल फास्ट बातचीत का जमाना है। पूरा वाक्य बोलने के स्थान पर कोडवर्ड बोला जाता है। दरअसल हमारा देश कोडवर्ड के सहारे चल रहा हैं। बैंक
मोर को नाचता देख , यह समझ लेना कि रिमझिम फुहार बरसने वाली है , आज की पेंचीदा और सामाजिक , राजनितिक मनोविज्ञान के विकास पर पर प्रश्न चिन्ह होगा . वह मोर ट्रेनिंग कैम्प में तैयार किया गया भी हो सकता है , उसे ट्रेन किया गया है कि बेटा ! जब मैं बरसात करूँगा उससे पहले तो इसी तरह नाचियो !
दव्यांका के फैंस को बता दें कि वह छोटे पर्दे पर नए अवतार में आई हैं। दरअसल, सब टीवी पर 17 मई से शुरू हुए धारावाहिक में ’मिस्टर एंड मिसेज
धरती पर मानवीय जीवन काल में अपने समयों से संबंधित अपनी संभावनाओं की सीमाओं के भीतर ही, मनुष्य ने अपने चारों ओर के भौतिक एवं सामाजिक जगत से समायोजन स्थापित
देवभूमि हिमाचल में जिला कुल्लू देवी-देवताओं की राजधानी माना जाता है। यहां पर देवी देवताओं के हजारों प्राचीन मन्दिर हैं जिनकी बनावट, काष्ठ कला व पत्थरों पर की गई अद्भुत
भारतीय जनता पार्टी के लिए झारखंड एक जंजाल बन गया है। पार्टी का दामन वहां की सरकार की झाड़ियों में उलझ गया है। भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी की
इसमें कोई शक नहीं कि बाॅलीवुड की कुछ बहुत खूबसूरत एक्टेªसों में दीया मिर्जा का नाम शुमार किया जाता है और अपनी इसी खूबसूरती के कारण बाॅलीवुड में उनकी एंट्री
हिन्दी की एक कहावत जो अक्सर हम अपने आसपास सुनते तथा महसूस करते हंै कि ‘सबका अपना एक अलग नजरिया होता है।’ जिस प्रकार हर मनुष्य को अपना अस्तित्व खोजने
मुझे पता है कि शीर्षक पढ़कर आप चौंकेंगे, लेकिन यह सच है। गुजरात से बाहर रहने वाले मुस्लिम सोचते होंगे, कि पता नहीं गुजरात में नरेन्द्र मोदी नाम का आदमी उनकी कौम पर कितने ज़ुल्म ढाता होगा और तीस्ता “जावेद” सीतलवाड जैसी समाजसुधारिका(?) तथा राजदीप और “बुरका” दत्त जैसे स्वनामधन्य(?) पत्रकार दिन-रात जिस खलनायक(?) को गरियाते हुए नहीं थकते, पता नहीं संघ-भाजपा यह व्यक्ति गुजरात में मुस्लिमों पर कितने
बंगलादेश की तस्वीर और तकदीर बदल रही है। भारत के साथ उसके संबंधों में भी स्वाभाविकता और सहयोग की भावना विकसित हो रही है। शेख हसीना को बंगलादेश की जनता
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